पत्रकारिता : अर्थ एवं परिभाषा

 पत्रकारिता का अर्थ :

समाज, राष्ट्र, विश्व और इस अनंत ब्रह्माण्ड की प्रत्येक घटना का किसी भी मातृ भाषा में एक पत्रकार द्वारा किया गया निष्पक्ष लेखन, चित्रांकन, संपादन और प्रकाशन, जिसे एक अनपढ़ भी सुनकर देखकर समझ सके तथा जीवन का मार्गदर्शन करते हुए एक असहाय की आवाज बन सके, ऐसी विषय वस्तु का व्यवसाय ही पत्रकारिता है। वास्तव में पत्रकारिता लोकतंत्र और शासन के मध्य सेतु का कार्य करती है. राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर समाज में क्या हो रहा है इसकी सूचना शासन को देना और शासन की सूचना समाज को देना वह भी निष्पक्ष तभी वह पत्रकारिता कहला सकती है, अन्यथा नहीं. 

समाचार :

एक पत्रकार के माध्यम से किसी घटना के तथ्यों को सही सही एकत्रित करना, उसका सम्पादन एवं प्रकाशन कर अविलम्ब समाज और सरकार तक पहुँचाना, यही समाचार है. 

पत्रकारिता का शाब्दिक अर्थ :

पत्रकारिता शब्द अंग्रेजी के "जर्नलिज़्म" (Journalism) का हिन्दी रूपान्तर है। शब्दार्थ की दृष्टि से "जर्नलिज़्म" शब्द 'जर्नल' से निर्मित है और इसका आशय है 'दैनिक'। अर्थात जिसमें दैनिक कार्यों व सरकारी बैठकों का विवरण हो। आज जर्नल शब्द 'मैगजीन' का द्योतक हो चला है। दैनिक समाचार-पत्र या दूसरे प्रकाशन, कोई सर्वाधिक प्रकाशन जिसमें किसी विशिष्ट क्षेत्र के समाचार हो। 

-- डॉ॰ हरिमोहन एवं हरिशंकर जोशी- 

(खोजी पत्रकारिता, तक्षशिला प्रकाशन) 

पत्रकारिता लोकतन्त्र का अविभाज्य अंग है। प्रतिपल परिवर्तित होनेवाले जीवन और जगत का दर्शन पत्रकारिता द्वारा ही सम्भव है। परिस्थितियों के अध्ययन, चिन्तन-मनन और आत्माभिव्यक्ति की प्रवृत्ति और दूसरों का कल्याण अर्थात् लोकमंगल की भावना ने ही पत्रकारिता को जन्म दिया।

विश्व के प्रमुख विद्वानों से प्राप्त परिभाषाएं इस प्रकार हैं :

सी. जी. मूलर ने बिल्कुल सही कहा है कि-
सामायिक ज्ञान का व्यवसाय ही पत्रकारिता है। इसमें तथ्यों की प्राप्ति उनका मूल्यांकन एवं ठीक-ठाक प्रस्तुतीकरण होता है।
(Journilism is business of timely knowledge the business of obtaining the necessary facts, of evaluating them carefully and of presenting them fully and of acting on them wisely.)
डॉ॰ अर्जुन तिवारी के कथानानुसार-
ज्ञान और विचारों को समीक्षात्मक टिप्पणियों के साथ शब्द, ध्वनि तथा चित्रों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना ही पत्रकारिता है। यह वह विद्या है जिसमें सभी प्रकार के पत्रकारों के कार्यो, कर्तव्यों और लक्ष्यों का विवेचन होता है। पत्रकारिता समय के साथ समाज की दिग्दर्शिका और नियामिका है।
डॉ बद्रीनाथ कपूर के अनुसार - पत्रकारिता पत्र पत्रिकाओं के लिए समाचार लेख एकत्रित तथा सम्पादित करने, प्रकाशन आदेश देने का कार्य है |
हिन्दी शब्द सागर के अनुसार- पत्रकार का काम या व्यवसाय पत्रकारिता है|
श्री प्रेमनाथ चतुर्वेदी के अनुसार- पत्रकारिता विशिष्ट देश, काल और परिस्थिति के आधार पर तथ्यों का, परोक्ष मूल्य का संदर्भ प्रस्तुत करती है |
टाइम्स पत्रिका के अनुसार- पत्रकारिता इधर-उधर उधर से एकत्रित, सूचनाओं का केन्द्र, जो सही दृष्टि से संदेश भेजने का काम करता है, जिससे घटनाओं का सहीपन को देखा जाता है|
डॉ कृष्ण बिहारी मिश्र के अनुसार- पत्रकारिता वह विद्या है जिसमें पत्रकारों के कार्यों, कर्तव्यों, और उद्देश्यों का विवेचन किया जाता है| जो अपने युग और अपने सम्बन्ध में लिखा जाए वह पत्रकारिता है|
डॉ भुवन सुराणा के अनुसार- पत्रकारिता वह धर्म है जिसका सम्बन्ध पत्रकार के उस धर्म से है जिसमें वह तत्कालिक घटनाओं और समस्याओं का अधिक सही और निष्पक्ष विवरण पाठक के समक्ष प्रस्तुत करता है|
डॉ अवनीश सिंह चौहान के अनुसारतथ्यों, सूचनाओं एवं विचारों को समालोचनात्मक एवं निष्पक्ष विवेचन के साथ शब्द, ध्वनि, चित्र, चलचित्र, संकेतों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुँचाना ही पत्रकारिता है। यह एक ऐसी कला है जिससे देश, काल और स्थिति के अनुसार समाज को केन्द्र में रखकर सारगर्भित एवं लोकहितकारी विवेचन प्रस्तुत किया जा सकता है।

 सादर अभिनन्दन  !!
संकलन एवं संशोधन 
Arvind Kumar 
Times Network Mumbai 

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पत्रकारिता चौथा आधार स्तम्भ

पत्रकारिता : उद्भव एवं विकास