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आब-ए-ज़मज़म

 आब-ए-ज़मज़म सऊदी अरब के मक्का शहर में काबा से 20 मीटर दूर मस्जिद अल हरम में स्थापित एक कुंआ है लेकिन यह कोई      साधरण कुंआ नहीं है क्योंकि इसका पानी कभी सूखता नहीं और न ही ख़राब होता है। यह गंगा जल के समान शुद्ध और पवित्र माना जाता है। हज यात्री जब भी काबा के दर्शन के लिये मक्का शहर जाते हैं तो वहाँ से इसी कुंए का पानी अपने साथ घर लेकर आते है जिस तरह हिन्दू धर्म के लोग गंगा जल को पवित्र मानकर पूजा पाठ में इस्तेमाल करते हैं वैसे ही इस्लाम में प्रत्येक मुस्लिम के घर पर आब ए जमजम का जल मौजूद होता है।  ईसा मसीह के जन्म से 2 हजार साल पहले हज़रत इब्राहिम जिन्हें यहूदी धर्म में अब्राहम कहा जाता है इन्होंने अल्लाह (ईश्वर)के आदेश से अपनी पत्नी हाजिरा और पुत्र स्माइल को एक रेगिस्तान(मक्का की खाड़ी) में छोड़ दिया था और खुद फिलिस्तीन शहर की तरफ जाने लगे तो उनकी पत्नी ने पूछा - क्या हम थोड़े से खजूर और पानी के साथ यहां अकेले रहेंगे लेकिन इब्राहिम ने इसका कोई जवाब नहीं दिया और उन दोनों को छोड़कर चले गए।  उस वक़्त यहाँ न इतनी इमारते थीं और न ही रहने वाले लोगों की इतनी जनसंख्या, ...

शैक्षिक बेरोजगार

  कान्वेंट स्कूल अरबपति बनते गए और हम भिखारी बनते गए क्यों ? सरकारी स्कूल झोपड़ पट्टी बन गए तो प्राइवेट स्कूलों की चांदी हो गई। पढ़लिखकर बच्चा बड़ा तो हुआ लेकिन सरकारी नौकरी में नेताओं के रिश्तेदार नातेदार, पड़ोसी विरादरी घुस गए और हम चपरासी की लाइन में खड़े होकर आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाते रहे क्यों ? भारतीय संविधान में मूलाधिकारों की रक्षा के नाम पर अश्पृश्यता पर अधिनियम तो बन गया लेकिन आज भी शादी विवाह अपनी विरादरी में न हो तो परिवार में महाभारत हो जाता है और शुभद्रा अर्जुन को ले जाती है तो कृष्ण रुक्मिणी के प्रेम में प्रेम विवाह की आधारशिला का अनावरण कर देते हैं। यदि संविधान छुवा छूत को अपराध मानता है तो जाति प्रमाण पत्र क्यों ? सैलरी 3000/- और आय प्रमाण पत्र चाहिए. नीरव मोदी, विजय माल्या, काला धन, नौकरी और कर्ज में अमीरों से कोई प्रमाण माँगा जाता है क्या ?  हमें बेटे को इंग्लिश मीडियम ही पढ़ाना है बेटा भले ही बड़ा होकर चोर बन जाये या प्राइवेट में 5000/- की नौकरी करे लेकिन सरकारी और हिंदी मीडियम तो नहीं पढ़ाएंगे, भारतीय लोगों की इसी मानसिकता ने देश में कान्वेंट स्कूलों को अरबपति...