सोशल मीडिया
इंटरनेट (अंतर्जाल) के माध्यम से सक्रिय होकर अनेक विकल्प के साथ कार्य करने वाले एप्लीकेसन जिनकी सहायता से हम अपने मित्रों तथा सगे संबंधियों को चित्रों और लिखित रूप से सूचित करते हैं ऐसे सभी संसाधन सोशल मीडिया के रूप में जाने जाते हैं. इतना ही नहीं यह माध्यम आपकी आय का स्रोत भी बन सकते हैं और अज्ञानता के कारण आपको और आपके समाज को बर्बाद भी कर सकते हैं. फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, ब्लॉग, मैसेंजर, व्हाट्सऐप, यू ट्यूब, शेयर चैट, वी चैट, टिक टैक आदि ऐसे 101 सोशल मीडिया हैं लेकिन इसमें प्रमुख माध्यम ही बताने का प्रयास कर रहा हूँ.
ऑफलाइन माध्यम में अख़बार, पत्रिकाएं, कथा साहित्य, अश्लील साहित्य, पत्राचार और गुप्त तथा सांकेतिक कलाकृति आदि साधन उपस्थित हैं जो हमारी अच्छी बुरी विचार धारा को एक दूसरे तक पहुँचाने का कार्य करते हैं. मौखिक और मौलिक संदेश भी हमारे विचारों, हमारी सोंच को समाज में प्रसारित करते हैं.
रेडियो, टेलीविजन, फ़िल्म, नाटक, रंगमंच, खेल आदि सब हमारे लिये सूचना के साथ मन को मोहित करने वाले साधन हैँ, साथ ही आय और रोजगार के अवसर भी प्रदान करते हैं और यही साधन जब मानसिक विकृति का शिकार होते हैं तब हमारे समाज का पतन प्रारम्भ होता हैँ और देखते ही देखते बड़े बड़े साम्राज्य और उन्नतशील सभ्यतायें नष्ट होने में समय नहीं लेतीं.
सादर नमन !!
अरविन्द कुमार
http://world-patrakarita.blogspot.com
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